तुमान विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा के ग्राम पंचायत तुमान का आश्रित मोहल्ला मैनगढी आश्रित मोहल्ले द्वारा तुमान आने के लिये अपने सीना चीर के 6 किलोमीटर रास्ता बनाए थे जिसकी खबर पुख्ता से समाचार में प्रकाशित किया गया था खबर प्रकाशित होने के बाद जिला कलेक्टर अशोक अग्रवाल जी रोजगार गारंटी के तहत रोड निर्माण करा दिये थे जो 2 वर्ष पहले अधिक बारिश होने के कारण रोजगार गारंटी रोड खराब हो चुका है बड़ा-बड़ा गड्ढा बारिश के पानी से हो चुका है तुमान का आश्रित मोहल्ला मैनगढी मोहल्ले वालों को तुमान या बाहर जाने के लिए आहरन नदी पार कर जाना पड़ता है अधिक बारिश होने पर किसी भी दिशा से रास्ता नहीं होने के कारण मोहल्ले वालों का रास्ता बंद हो जाता है आश्रित मोहल्ला मैनगढी के वासियों द्वारा कई बार कुछ अधिकारियों को रोजगार गारंटी के तहत रास्ता बनाने के लिए निवेदन किया जा चुका लेकिन आज तक उच्च अधिकारियों द्वारा किसी प्रकार का आश्वासन नहीं मिला तुमान से मैनगढी का दूरी 6 किलोमीटर है अगर मैनगढी से राहा बनवार होते हुए तुमान 13 किलोमीटर अपना पंचायत तुमान आना पड़ता है
रोजगार गारंटी के तहत रोड निर्माण का स्वीकृति दिए थे जिससे मैनगढी से तुमान आना-जाना होता रहा लेकिन अब रोड बहने पर 13किलोमीटर सफर कर तुमान आना पड़ता है
सबसे बड़ा समस्या मोहल्ले वालों को अधिक बारिश होने पर छात्र-छात्राओं के ऊपर
पड़ता है l इलाके का जिक्र जहां भी होता है झट से लोगों के दिमाग में अति पिछड़े इलाकों की तस्वीर उभरने लगती है। गांव भी अति पिछड़े इलाकों में शामिल था। वर्ष 2019 से पहले तक यहां न तो बिजली थी और न ही गांव तक पहुंचने के लिए सड़क थी। गांव में सरकार ने स्कूल तो बनवा दिया था लेकिन पहाड़ी और दुर्गम इलाका होने के कारण शिक्षक समय से पहुंच नहीं पाते थे।
जब कभी जाना होता तो नदी, नाला तैरकर या फिर पहाड़ी चढ़कर ही जाना पड़ता था। तभी अचानक गांव के आदिवासियों में खुद के लिए कुछ करने की तमन्ना जागी और बन गये दशरथ मांझी। पहाड़ का सीना चीरकर, पत्थर वाली भूमि को समतल बनाकर साढ़े छह किमी की लंबी सड़क बना दी। इसके बाद जब इसकी जानकारी जिला कलेक्टर अशोक अग्रवाल उन्होंने तत्काल रोजगार गारंटी के तहत सड़क निर्माण का काम चालू करवा पूरे गांव को बुलाकर सम्मानित किया और उनके जज्बे को सलाम किया। अब गांव में सड़क है, बिजली के सोलर प्लांट स्थापित किया गया है, हर परिवार का घर पक्का हो गया। यूं कहें तो अब गांव की तस्वीर ही बदल गई है।
*लेकिन सड़क खराब होने के कारण फिर तस्वीर अधूरी रह गई*
