जिपं. सदस्य कौशल नेटी ने सरकार और प्रशासन से की ग्राम पंचायतों को मूलभूत एवं वित्त आयोग राशि देने की मांग: कहा- ग्रामीणों द्वारा बड़ी उम्मीद से चुने गए सरपंच विकास राशि न मिलने से हो गए बेबस


*कोरबा:-* जिला पंचायत सदस्य कौशल नेटी ने ग्राम पंचायतों को विकास राशि नही मिलने के मामले को लेकर आवाज उठाया है और सरकार व प्रशासन से मूलभूत व वित्त आयोग की राशि देने मांग की है। उन्होंने कहा है कि गत पंचायत आम चुनाव सम्पन्न के बाद से ही पंचायतों को मूलभूत व वित्त आयोग की राशि न देकर उन्हें मजबूत करने के बजाय अधिकार विहीन रखा गया है।


वर्ष 2025- 26 में सम्पन्न त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को 9 महीने बीत चुके है लेकिन पंचायतों को बुनियादी जरूरतों एवं विकास कार्यों के लिए मिलने वाली मूलभूत व वित्त आयोग की राशि नही दी जाने से पंचायतों के विकास कार्य बुरी तरह से चरमरा गए है। जिसे लेकर जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक- 09 के सदस्य कौशल नेटी ने मुद्दा उठाया है तथा जिले के ग्राम पंचायतों को विकास राशि जारी करने के लिए सरकार व प्रशासन से मांग की है। उनका तर्क है कि पंचायतों को मजबूत करने के बजाय उन्हें अधिकार विहीन रख दिया गया है, जिससे मुखिया एवं अन्य प्रतिनिधि ग्रामीण विकास के कार्यों को पूरा करने में असमर्थ है और वे अपने आप को बेबस महसूस कर रहे है। विकास राशि न मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों का विकास रुक गया है। राज्य व केंद्र से मिलने वाले टाइड- अनटाइड सहित मूलभूत फंड की राशि सरपंच निर्वाचित होने के 09 माह बाद भी पंचायतों को नही दी गई है, जिससे कई योजनाएं ठप्प पड़ी है। ग्रामीणों ने बड़ी उम्मीद से अपने- अपने गांवों में सरपंच चुना है, लेकिन वे सरपंच पंचायत और ग्रामीणों का छोटा- छोटा विकास कार्य भी नही करा पा रहे है। जिससे उन्हें ग्रामीणों की खरी- खोटी सुनने को मिल रही है। पंचायतों में गत बारिश के बाद सड़कें- नाली जर्जर पड़ी है, गली- मोहल्लों में रोशनी व्यवस्था बेहाल है, गांवों में स्वच्छता का अभाव देखा जा सकता है, बोर मशीन खराब होने से पेयजल समस्या जैसे कई मूलभूत समस्याओं ने विकराल रूप ले लिया है। पंचायत स्तर पर विकास कार्यों के लिए फंड की कमी एक बड़ी समस्या बन गई है। ऐसे में पंचायत के विकास बिना राज्य का सम्पूर्ण विकास संभव नही है। जिपं. सदस्य नेटी ने जिले की पंचायतों को जल्द से जल्द टाइड- अनटाइड सहित मूलभूत की राशि देने शासन- प्रशासन से अपील की है, ताकि गांवों का विकास सुनिश्चित हो सके और ठप्प पड़े कार्यों को गति मिल सके।

Post a Comment

Previous Post Next Post