धूमधाम से मनाया जा रहा है छेरछेरा का त्यौहार

 कोरबा। कोरबा जिले में भी छत्तीसगढ़ का पारंपरिक छेरछेरा त्यौहार हर साल पौष पूर्णिमा (दिसंबर-जनवरी) के दिन मनाया जाता है, जो नई फसल की कटाई और दान-पुण्य का पर्व है; वर्ष 2025 में यह 13 जनवरी को मनाया गया था, और वर्ष 2026 में 2 जनवरी को मनाया जाएगा, जो फसल की अच्छी पैदावार और धन-धान्य के प्रतीक के रूप में पूरे राज्य में धूमधाम से मनाया जाता है, जिसमें बच्चे और बड़े घर-घर जाकर अन्न और अनाज मांगते हैं। 

मुख्य बातें:

तिथि: पौष पूर्णिमा

महत्व: यह एक फसल उत्सव  है, जो धान की कटाई के बाद मनाया जाता है। 

परंपरा: लोग, विशेषकर बच्चे, एवं जवान घर-घर जाकर 'छेरछेरा, माई कोठी के धान, के हेतै हेरि हेरि देतै' जैसे गीत गाकर अन्न, धान और पैसे मांगते हैं, जिसे दान करने से घर में समृद्धि आती है। 

लोक नृत्य: इस दिन डंडा नृत्य  भी किया जाता है।


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