कोरबा जिले के पूर्वी ग्रामीण क्षेत्र में तेज रफ्तार वाहनों के कारण आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। नेशनल हाईवे और ग्रामीण सड़कों पर बाइक, कार और ट्रकों की ओवरस्पीड के चलते पिछले एक महीने में कई दुर्घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिसमें कई लोग घायल और कुछ की मौत भी हो गई है।
*क्या है वजह?*
पूर्वी क्षेत्र से गुजरने वाली सड़कें चौड़ी तो हैं, लेकिन यहां स्पीड ब्रेकर, रिफ्लेक्टर और ट्रैफिक पुलिस की कमी है। इसका फायदा उठाकर ड्राइवर तेज गति से वाहन चलाते हैं। स्कूल-कॉलेज के समय में छात्र-छात्राओं को सड़क पार करने में भी दिक्कत हो रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव के पास से गुजरते ट्रक और डंपर 80-100 की स्पीड में निकलते हैं। गाय, कुत्ते और बच्चे अचानक सामने आ जाते हैं जिससे हादसा हो जाता है।
*प्रशासन से मांग*
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि दुर्घटना वाले प्वाइंट पर स्पीड ब्रेकर, चेतावनी बोर्ड और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। साथ ही नियमित रूप से ट्रैफिक पुलिस की गश्त बढ़ाई जाए।
*पुलिस का बयान*
यातायात पुलिस अधिकारी ने कहा कि ओवरस्पीड और शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जल्द ही हॉटस्पॉट एरिया में चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि हेलमेट पहनें और तय सीमा में ही वाहन चलाएं।
*सड़क सुरक्षा टिप्स:*
1. गांव और स्कूल के पास 40 की स्पीड से ज्यादा वाहन न चलाएं
2. हेलमेट और सीट बेल्ट जरूर लगाएं
3. शराब पीकर और मोबाइल पर बात करते हुए गाड़ी न चलाएं
