वन विभाग की त्वरित कार्रवाई और सुरक्षित रेस्क्यू
घटना की सूचना प्राप्त होते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। दल द्वारा सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान चलाकर पक्षी को सुरक्षित संरक्षण में लिया गया। प्राथमिक परीक्षण में उल्लू की लंबाई लगभग 45 सेमी तथा अनुमानित वजन लगभग 700 ग्राम आंका गया। विशेषज्ञों के अनुसार माटल्ड वुड आउल एक महत्वपूर्ण रात्रिचर (रात्रि में सक्रिय) शिकारी पक्षी है, जो खेतों में चूहों एवं अन्य हानिकारक जीवों की संख्या नियंत्रित कर प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
