मुकेश सोरी के खेत में महुआ वृक्ष के नीचे दुर्लभ उल्लू प्रजाति माटल्ड वुड आउल का एक बच्चा असहाय अवस्था में मिला कोरबा रविवार को ग्राम बिझरा में वन्यजीव संरक्षण के प्रति एक सराहनीय मानवीय पहल देखने को मिली। मुकेश सोरी को उसके खेत में महुआ वृक्ष के नीचे दुर्लभ उल्लू प्रजाति माटल्ड वुड आउल का एक बच्चा असहाय अवस्था में मिला। पक्षी जमीन पर बैठा हुआ था तथा उड़ान भरने में असमर्थ प्रतीत हो रहा था।कोरबा ऑनलाइन शिक्षा वन विभाग की त्वरित कार्रवाई और सुरक्षित रेस्क्यू घटना की सूचना प्राप्त होते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। दल द्वारा सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान चलाकर पक्षी को सुरक्षित संरक्षण में लिया गया। प्राथमिक परीक्षण में उल्लू की लंबाई लगभग 45 सेमी तथा अनुमानित वजन लगभग 700 ग्राम आंका गया। विशेषज्ञों के अनुसार माटल्ड वुड आउल एक महत्वपूर्ण रात्रिचर (रात्रि में सक्रिय) शिकारी पक्षी है, जो खेतों में चूहों एवं अन्य हानिकारक जीवों की संख्या नियंत्रित कर प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।


मुकेश सोरी खेत नीचे दुर्लभ उल्लू प्रजाति माटल्ड वुड आउल का एक बच्चा असहाय अवस्था में मिकोरबा  रविवार को ग्राम बिझरा में वन्यजीव संरक्षण के प्रति एक सराहनीय मानवीय पहल देखने को मिली। मुकेश सोरी को उसके खेत में महुआ वृक्ष के नीचे दुर्लभ उल्लू प्रजाति माटल्ड वुड आउल का एक बच्चा असहाय अवस्था में मिला। पक्षी जमीन पर बैठा हुआ था तथा उड़ने नहीं पा रहा था।


वन विभाग की त्वरित कार्रवाई और सुरक्षित रेस्क्यू

घटना की सूचना प्राप्त होते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। दल द्वारा सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान चलाकर पक्षी को सुरक्षित संरक्षण में लिया गया। प्राथमिक परीक्षण में उल्लू की लंबाई लगभग 45 सेमी तथा अनुमानित वजन लगभग 700 ग्राम आंका गया। विशेषज्ञों के अनुसार माटल्ड वुड आउल एक महत्वपूर्ण रात्रिचर (रात्रि में सक्रिय) शिकारी पक्षी है, जो खेतों में चूहों एवं अन्य हानिकारक जीवों की संख्या नियंत्रित कर प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

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